
जालंधर। 7/अक्टूबर लधेवाली में यम्मी बाइट्स के सामने चल रहे एक निर्माण कार्य को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि निर्माणाधीन इमारत में पहले बेसमेंट का लेंटर डाला गया और अब दूसरे लेंटर का काम भी तेजी से चल रहा है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इस निर्माण की बेसमेंट विधिवत पास है? वहीं पार्किंग स्पेस को लेकर भी नियमों के पालन पर सवाल उठ रहे हैं।मामले में दिलचस्प बात यह है कि बिल्कुल साथ लगती दूसरी बिल्डिंग के बेसमेंट निर्माण को लेकर ATP सुखदेव वशिष्ठ की ओर से कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर वहां बेसमेंट को लेकर कार्रवाई हो सकती है तो इसी के साथ लगती बिल्डिंग में बेसमेंट निर्माण की अनुमति और नियमों की जांच क्यों नहीं?एक ही एरिया, एक ही सड़क, एक ही वार्ड—फिर कार्रवाई अलग-अलग क्यों?जब दोनों निर्माण एक ही क्षेत्र में और बिल्कुल साथ-साथ हैं तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि एक बिल्डिंग पर कार्रवाई और दूसरी पर कथित तौर पर कोई कार्रवाई नहीं—ऐसा क्यों?क्या नगर निगम अधिकारियों ने मौके पर जाकर निर्माण की जांच की है?क्या बेसमेंट का नक्शा और अनुमति स्वीकृत है?क्या पार्किंग के लिए निर्धारित स्थान उपलब्ध है?🛑छुट्टी वाले दिन ही क्यों होता है निर्माण? स्थानीय स्तर पर यह सवाल भी उठ रहा है कि निर्माण कार्य छुट्टी वाले दिनों में ही क्यों किया जाता है? क्या छुट्टी के दिन विभागीय निगरानी कम होने का फायदा उठाकर निर्माण कार्य किया जा रहा है?🛑 अब सवाल नगर निगम की कार्यप्रणाली पर है। यदि निर्माण पूरी तरह नियमों के अनुसार है तो नगर निगम को इसकी मंजूरी और रिकॉर्ड स्पष्ट करना चाहिए। वहीं यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही?⁉️किसकी मिलीभगत से चल रहा है काम? ⁉️स्थानीय लोगों की ओर से यह भी सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर किसकी अनुमति या संरक्षण में यह निर्माण आगे बढ़ रहा है?नगर निगम को मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट करना चाहिए कि निर्माण के पास कौन-कौन सी मंजूरियां हैं और क्या बेसमेंट तथा पार्किंग संबंधी सभी नियमों का पालन किया जा रहा है।अब देखना होगा कि नगर निगम इस निर्माण पर कार्रवाई करता है या फिर सवालों के घेरे में बनी यह कार्यप्रणाली यूं ही जारी रहती है।नोट: खबर में उठाए गए सवाल और आरोप स्वतंत्र जांच का विषय हैं। संबंधित भवन मालिक/निर्माता तथा नगर निगम का पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा।
error: Content is protected !!