
8/नवंबर जालंधर आदमपुर दी इंपीरियल स्कूल, ग्रीन कैंपस, आदमपुर में दिवाली एवं बंदी छोड़ दिवस का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उत्साह एवं श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में आयोजित विशेष प्रातःकालीन सभा में विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक एवं धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, परंपराओं, आपसी प्रेम, भाईचारे, एकता और स्वतंत्रता के महत्व को खूबसूरती से दर्शाया।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा मंच संचालन, प्रार्थना एवं प्रतिज्ञा के साथ किया गया। इसके पश्चात अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत एवं सम्मान किया गया। प्रातःकालीन सभा में विचार एवं शब्द के माध्यम से विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि की गई।कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रामायण पर आधारित रामलीला रही, जिसमें विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम के आदर्शों, मर्यादा, सत्य और धर्म की विजय का संदेश प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। दिवाली के महत्व पर हिंदी में भाषण तथा विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सामूहिक गीत ने उत्सव के वातावरण को और भी मनमोहक बना दिया। इस अवसर पर विद्यालय के हेड बॉय ध्रुव ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। इसके पश्चात कक्षा चार के विद्यार्थियों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरीं।बंदी छोड़ दिवस के ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक महत्व पर पंजाबी भाषा में भाषण प्रस्तुत किया गया। अमृतवीर द्वारा प्रस्तुत शब्द ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके अतिरिक्त पायनियर हाउस के विद्यार्थियों ने शानदार समूह नृत्य प्रस्तुत कर कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री पुष्पेंद्र कुमार निराला जी, निदेशक, एयरपोर्ट अथॉरिटी, एवं रमन दवेसर जी, संपादक, दैनिक समाचार पत्र ‘अजीत’, आदमपुर उपस्थित रहे। उनके साथ विद्यालय के अध्यक्ष श्री जगदीश लाल जी, डायरेक्टर श्री जगमोहन अरोड़ा जी, सीईओ श्री निखिल पसरीचा जी, सीओओ श्री सुखदेव अरोड़ा जी, प्रधानाचार्या श्रीमती राजविंदर पाल जी एवं उपप्रधानाचार्या श्रीमती पूजा ठाकुर जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।अपने संबोधन में मुख्य अतिथियों ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास एवं अनुशासन की सराहना की। विशेष रूप से उनके द्वारा प्रस्तुत रामलीला की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों ने भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों एवं रामायण के प्रेरणादायक प्रसंगों को अत्यंत सुंदर और प्रभावशाली ढंग से मंच पर जीवंत किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में रचनात्मकता, आत्मविश्वास, सांस्कृतिक मूल्यों एवं नैतिक शिक्षा का विकास करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने तथा जीवन में सत्य, प्रेम, त्याग और मानवता के मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।सभी ने विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की सराहना की तथा सभी को दिवाली एवं बंदी छोड़ दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की प्रशंसा की।कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। यह आयोजन न केवल मनोरंजन का माध्यम बना, बल्कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक गौरव और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास भी सिद्ध हुआ।
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