एक्साइज विभाग पर खड़े हुए कई सवाल आज से नहीं कई सालों से चल रहा है चंडीगढ़ शराब माफिया का यह काम पड़े पूरी खबर❓
जालंधर 5/अगस्त (डीडी न्यूजपेपर): भार्गव कैंप में मंगलवार रात हुई गोलीबारी की गूंज अभी थमी भी नहीं थी कि शहर में शराब कारोबार से जुड़ा एक और बड़ा मामला सामने आ गया। आबकारी विभाग ने मॉडल टाउन ग्रुप के इलाके से कथित तौर पर अवैध रूप से लाई गई चंडीगढ़ की शराब की भारी खेप बरामद की है। इस कार्रवाई के बाद पूरे शहर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।सूत्रों के अनुसार आबकारी विभाग की टीम ने दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए यह शराब बरामद की। एक खेप रविदास चौक के पास, जबकि दूसरी मॉडल टाउन इलाके से मिली। मौके पर विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शराब की गिनती और जांच में जुटे हुए हैं।प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बरामद शराब की संख्या करीब 1000 पेटी बताई जा रही है। हालांकि, विभाग ने अभी तक आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया है क्योंकि गिनती का काम जारी है।सबसे बड़ा सवाल यह है कि चंडीगढ़ की इतनी बड़ी खेप आखिर जालंधर तक पहुंची कैसे? यदि यह शराब बाहर से लाई गई थी तो इसे किस मकसद से यहां रखा गया था? आखिर इसके पीछे कौन लोग हैं? इन सभी सवालों के जवाब फिलहाल जांच के बाद ही सामने आ सकेंगे।सूत्रों के मुताबिक जिस इलाके से यह शराब बरामद हुई है, वहां शराब के ठेके सहगल ग्रुप के पास हैं। खास बात यह भी है कि मंगलवार रात भार्गव कैंप में हुई गोलीबारी के दौरान भी सहगल ग्रुप का नाम चर्चा में रहा था और कुणाल सहगल भी घटनास्थल पर देखे गए थे। ऐसे में अगले ही दिन उसी इलाके से चंडीगढ़ की शराब की बड़ी खेप बरामद होने के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं हालांकि, अब तक आबकारी विभाग या पुलिस ने इस शराब को किसी व्यक्ति, ग्रुप या गोलीकांड से जोड़कर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि बरामद शराब किसकी है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और विभाग का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आगे की जानकारी साझा की जाएगी।






