BhahwanigarhBreaking NEWSChandigarhCrimeDelhiGadgetsGeneralHealthIndiaLatest newsLatest update NewsludhianaNewsPunjabTechTechnologyTop NewsTOP STORIESTrendingVillage NEWS

प्रधानमन्त्री आदर्श ग्राम योजना कमेटी के पूर्व सदस्य मनोज कुमार चौहान व बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री दिनेश कुमार पीड़ित परिवार से मिले।

Spread the News

डीडी न्यूजपेपर 22 अप्रैल : जिले में बच्चों की सुरक्षा को लेकर कार्यरत बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री दिनेश कुमार व प्रधानमन्त्री आदर्श ग्राम योजना कमेटी के पूर्व सदस्य मनोज कुमार चौहान आज लुधियाना में पीड़ित बच्ची के परिवार से मिले। उन्होंने बताया कि लुधियाना में रहने वाली ये बच्ची पटियाला में अपने रिश्तेदार के पार्टी में गए थे, वहां से उनको रिश्तेदारों के घर के आस पास बेकरी से बच्चों को चिप्स, चाकलेट वगेरह गिफ्ट पैक दिए गए, बच्चों ने घर आकर जब ये सामान खाया तो उनको खून की उल्टियां व दस्त लग गए। इस पर परिवार ने पटियाला में अपने रिश्तेदारों को बताया। रिश्तेदारों ने पुलिस में सूचना दी और सेहत विभाग की टीम ने जब उक्त दुकान में चेकिंग की तो उसके पास से बहुत सा सामान एक्सपायर बरामद किया गया। इस मामले ने उन्होंने कड़े शब्दो में कहा कि ये सब तब हो रहा है जब इसके लिए देश में खाद्य पदार्थों में मिलावट की रोकथाम के लिए प्रावधान करने हेतु अधिनियम है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन ने अगर अपना काम ईमानदारी से किया होता तो किसी बच्चे को ऐसे जान न गवानी पड़ती।

श्री मनोज कुमार चौहान ने कहा कि पटियाला में पहले भी एक बच्ची एक्सपायर केक खाने के कारण अपनी जान गवा चुकी है, और अब इस बच्ची को हालत बिगड़ गई । इससे ये साबित होता है कि जिला प्रशासन की मिलीभगत से दुकानों में एक्सपायर समान बेचा जा रहा है। श्री चौहान व बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री दिनेश कुमार ने प्रशासन व पंजाब सरकार से अनुग्रह किया कि राज्य सरकार पीड़ित बच्ची का इलाज अच्छे हस्पताल में कराए और परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराए इसके अलावा राज्य सरकार इस मामले को गंभीरता से ले और पूरे राज्य में सेहत विभाग की टीमों को अलर्ट करे कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हो जिस भी एरिया में ऐसी घटना हो उसकी जिम्मेदारी व जवाबदेही जिला अधिकारी की तय की जाए क्योंकि राज्य में बच्चों की सुरक्षा को यकीनी बनाना राज्य सरकार का उत्तरदायित्व है।

बाल अधिकार कार्यकर्ता श्री दिनेश कुमार ने प्रशासन से अनुरोध किया कि इस मामले में उक्त दुकानदार की दुकान सील करके उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और परिवार को उचित मुआवजा दिलाया जाय और बच्ची का इलाज अच्छे से अच्छे हस्पताल में निशुल्क कराया जाए।