मोदी ने आईएएस पर कही बड़ी बात…पालिटिकल पार्टियों पर रखें नजर, देखते रहें कि टैक्स देने वालों का पैसा कहां खर्च किया जा रहा
Doaba Dastak News Jalandhar

16वें सिविल सर्विस डे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को दिल्ली के विज्ञान भवन में आईएएस अधिकारियों को हिदायत देते कहा कि पालिटिक पार्टियों पर नजर रखें कि वह देश के लोगों का टैक्स के रूप में एकत्रित पैसा कहां खर्च कर रहे हैं। आधे घंटे की उनकी स्पीच प्रशासनिक अधिकारियों सहित देश के कई अन्य मुद्दों पर केंद्रित रही। 2 दिन तक चलने वाले सिविल सेवा दिवस की थीम ‘विकसित भारत, नागरिकों को सशक्त बनाना और अंतिम छोर तक पहुंचना है। पीएम ने कहा कि देश ने आप पर बहुत भरोसा किया है । उसको कायम रखते हुए काम करें। आपके निर्णय केव और केवल देशहित में होने चाहिए। सरदार पटेल जिस ब्यूरोक्रेसी को स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया कहते थे, उसे पूरा करना है, ब्यूरोक्रेसी से चूक हुई तो देश का धन लुट जाएगा।

पढ़ें…स्पीच में मोदी ने जो बड़ी बातें कहीं
आज जो सिस्टम बदला है वह सभी के प्रयास का नतीजा है। देश के करीब 3 लाख करोड़ रुपए गलत हाथों में जाने से बचे हैं। यह पैसे गरीबों के काम आ रहे हैं, उनके जीवन को आसान बना रहे हैं
बिना नाम लिए कांग्रेस पर निशाना साधी कि पिछले सिस्टमें में 4 करोड़ से ज्यादा नकली गैस कनेक्शन, नकली राशन कार्ड थे। अल्पसंख्यक मंत्रालय 30 लाख फर्जी युवाओं को स्कॉलरशिप दे रहा था।
अब सोच भी बदली है। पहले लोग सोचते थे सरकार सब कुछ करेगी, अब सोच है कि सरकार सबके लिए करेगी। अब सरकार समय और संसाधन का कुशल उपयोग कर रही है।
पहली बार 2006 में विज्ञान भवन में हुआ था कार्यक्रम
हर साल 21 अप्रैल को भारत में राष्ट्रीय सिविल सर्विस डे मनाया जाता है। विज्ञान भवन में यह कार्यक्रम पहली बार 21 अप्रैल 2006 को आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम देश के कई सार्वजनिक विभागों में काम कर रहे सभी अधिकारियों की सराहना के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है, जो भारत की प्रशासनिक मशीनरी को चलाने के लिए मेहनत करते हैं। यह सिविल सेवकों के लिए खुद को नागरिकों के लिए समर्पित करने का एक अवसर है।
1947 से मनाया जा रहा है नेशनल सिविल सर्विस डे
स्वतंत्र भारत के पहले गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल ने 21 अप्रैल 1947 के दिन दिल्ली के मेटकाफ हाउस में प्रशासनिक सेवा के प्रोबेशनर्स अधिकारियों को संबोधित किया था। पटेल ने अपने भाषण में सिविल सेवकों को ‘स्टील फ्रेम ऑफ इंडिया’ बताया था। तभी से हर साल 21 अप्रैल को नेशनल सिविल सर्विस डे मनाया जाता है।





