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मणिमहेश मे प्राकृतिक आपदा की अब धीरे धीरे परते खुल रही है! एक NGO द्वारा पहले भी बताया जा चुका है की, 10 टन से अधिक दूषित अंग वस्त्र मिले है!

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डीडी न्यूजपेपर,करणवीर सिंह ,2/सितंबर/2025 मणिमहेश मे प्राकृतिक आपदा की अब धीरे धीरे परते खुल रही है! एक NGO द्वारा पहले भी बताया जा चुका है की, 10 टन से अधिक दूषित अंग वस्त्र मिले है! पूरे कैलाश और झील के इर्द – गिर्द मल मूत्र,! तीर्थ स्थलों की मर्यादा का कोई भी पाल न नहीं कर रहा! कैलाश को लोग मनोरंजन तथा पर्यटन स्थल समझ रहे हैं! कुछ इसे ट्रैक कह रहे है! ज्ञान के अन्धो यह भगवान शिव की तपो स्थली है! साक्षात् शिव पार्वती का घर है! देवताओं का स्थान है! जिसका वर्णन वेद शास्त्रों मे भी किया हुआ है! और यात्रा से पहले ही नियम बनाया हुआ है की! कैलाश पर्वत पर अगर किसी भी मनुष्य ने आना है तो अपने तन को,भरमानी माता जी के आशीर्वाद से उत्पन्न हुए सरोवर में स्नान करके आएगा! उसके बाद, 84 मंदिर में विधि विधान से पूजा अर्चना करने के बाद तथा उसकी परिक्रमा करने के बाद, कैलाश यात्रा के पूरे महत्व को समझ करके, अगले पड़ाव को जाना होता है! पर तुम लोगो ने तो बस, फोटोस खींचनी है, वीडियो बनाने हैं ब्लॉग बनाने हैं!रील्स उपलोड करनी है! अरे डिजिटल दुनिया के कीड़ों, यह स्थान मोक्ष का द्वार है! ये पूरा पर्वत ही देवलोक तुल्य है! तुम लोगो ने इसे बस एक टूरिस्ट पॉइंट बना दिया है! तो याद रखो भगवान शिब ने संसार के सारे सुखो का त्याग करके कैलाश धाम को चुना था! बिलकुल एकांत वास!… ताकि उनकी समाधि अवस्था को कोई भंग ना कर पाए! पर तुम उनकी शांत निद्रा को भंग कर करने का काम कर रहे हो! इसमें सब कुछ क़्या प्रशासन ही करेगा,..?.तुम्हारी खुद की अक्ल नहीं है! तीर्थ स्थलों के प्रति क़्या आपकी कोई नेतिक जिम्मेदारी नहीं है! अगर जिम्मेदारी पूरी नहीं निभा सकते तो तुम्हे खुद को सनातनी कहने का भी कोई हक नहीं है! पहले लोगअपने जीवन की अंतिम पड़ाव मे अपने मोक्ष हेतू तीर्थ यात्रा करते थे, पर अब 3-3 साल के बच्चो को लेकर लोग यात्रा पर चले हुए है!……. फिर तुम कैलाश पर्वत की किसी भी मर्यादा का पालन नहीं कर रहे! जहाँ देखो वहाँ गंद फैला रहे हो! बीड़ी, सिगरेट के टुकड़े, गुटखा खैनी के पाउच, शराब की और बियर की खाली बोतले कैलाश पर मिल रही है! तुम नकली सनातनी हो, बस मनोरजन हेतू कैलाश यात्रा पर गये हो! कोई न्यू शादी वाला हनीमून भी कैलाश मे मना रहा है! फिर तुम सोच रहे हो भगवान शिव तुम्हे जीबित छोड़ देंंगे ….? और तो और स्नान के बाद अपने वस्त्रों को भी वही छोड़कर आ रहे हो! बेशर्मिं की हद होती है! और तो और कमल कुंड मे मनोरजन कर रहे हो! फिर तो ये तांडव होना ही था! भगवान शिव ही नहीं चाहते की तुम मेरे धाम आयो! वो नहीं चाहते की कैलाश मे ऐसे लोगो की कोई जरूरत नहीं है! 📌अभी शुरुआत हुयी है… अभी तांडव होना तो बाकी है!  अगर तुम तीर्थ स्थानों की मर्यादा को समझ नहीं सकते उनका पालन नहीं कर सकते तो बेहतर होगा अपने घर में ही रहो!( हर हर महादेव)” कमल कुंड बहुत दिव्य जगह है जहां पर साक्षात देवता खुद स्नान करते हैं! इस सरोवर के चारों तरफ दिव्य कमल पुष्प खिले हुए रहते हैं”जय बाबा मणिमहेश #manimahesh #manimaheshyatra #harharmahadev #manimaheshkailash