आप सरकार ने 11 महीने में पंजाब को बनाया यूपी-बिहार, हर तरफ डर के साए में लोग: शर्मा
चंडीगढ़: 9, मार्च (डीडी,न्यूजपेपर ), भारतीय जनता पार्टी पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी शर्मा के नेतृत्व में सूमची भाजपा लीडरशिप व हजारों की संख्या में चंडीगढ़ पहुंचे भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय चंडीगढ़ में इक्कठे होकर पंजाब की आम आदमी पार्टी की भगवंत मान सरकार के विरुद्ध विधानसभा घेरवा कर जमकर रोष-प्रदर्शन किया। जैसे ही भाजपा नेता व कार्यकर्त्ता इकट्ठे होकर आगे बढ़े तो भाजपाईयों का जोश व रोष देख कर घबराई पंजाब सरकार ने पुलिस के बल पर रोकने की कोशिश की, लेकिन वो कार्यकर्ताओं के जोश पर काबू पाने में पूरी तरह नाकाम रही। आखिरकार पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए कार्यकर्ताओं पर वाटर कैनन तथा लाठीचार्ज कर दिया, जिसमें कई भाजपा नेता व कार्यकर्त्ता गंभीर घायल हो गए। आखिरकार भाजपा नेताओं व कार्यकर्ताओं के आगे सरकार व पुलिस ने अपना बस ना चलते देख उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जैसे ही पुलिस इन गिरफ्तार नेताओं को बस में बिठा कर आगे बढ़ी, तो भाजपा कार्यकर्ताओं ने जयघोष व पंजाब सरकार के विरुद्ध नारेबाजी करते हुए नेताओं से भरी बस को रोक लिया, जिसे पुलिस ने बल प्रयोग कर वहां से हटाया।

अश्वनी शर्मा ने इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं की विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि पंजाब की आप सरकार के नाकारापन की इससे अधिक ख़राब स्थिति क्या हो सकती है मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा उनकी सरकार देशविरोधी शक्तियों व अलगाववादीयों पर नकेल कसने में एक बार फिर पूरी तरह नाकाम साबित हो रही है। आज की ताज़ा उदाहरण अमृतसर में सामने आई है, जहाँ एक बार फिर से खालिस्तानी गुरपतवंत सिंह पन्नू ने अपने कथित समर्थकों के माध्यम से पंजाब सरकार व अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब को चुनौती देते हुए देश की राष्ट्रपति श्रीमती द्रोपदी मुर्मो के दौरे से बिलकुल पहले अमृतसर के गुरु नानक देव विश्व-विद्यालय के बाहर जहाँ G-20 समेलन होने वाला है, उसकी दीवारों पर आज रात खालिस्तान समर्थक नारे लिख कर पंजाब सरकार को फिर से चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब में निहंग बाने पहने युवक की सरेआम हत्या की गई है, यह घोर निंदनीय है। भाजपा इस घटना की कड़ी निंदा करती है और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करती है। प्रसिद्ध पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के पिता अपने बेटे की हत्या के इन्साफ पाने के लिए पंजाब सरकार के विरुद्ध पंजाब विधानसभा के बाहर धरने पर बैठे हैं। जबकि पंजाब सरकार अपनी झूठी वह वही पाने तथा केजरीवाल को खुश करने में व्यस्त है। पंजाब की जनता या उसकी सुरक्षा से भगवंत मान सरकार कोई लेने देना नहीं है। लेकिन पंजाब सरकार के इन देशविरोधी शक्तियों को खुश करने के मंसूबों को भाजपा कभी सफल नही होने देगी। पंजाब की आम आदमी पार्टी की भ्रष्टचार में लिप्त भगवंत मान सरकार के 11 महीने के शासन में पंजाब में कानून व्यवस्था बुरी तरह ध्वस्त हो गई है। पंजाब सरकार ने राज्य का माहौल खराब करने वालों को खुली छूट दे रखी है। पंजाबियों के दिलों में डर का माहौल है और उन्हें लग रहा है कि पंजाब सरकार पंजाब को 1984 के काले आतंकवाद के दौर में वापस ले जा रही है। भाजपा अपना फर्ज निभा रही है और हम आज पंजाबियों के हितों की रक्षा के लिए सड़को पर उतरे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब में कानून व्यवस्था को लेकर लगातार झूठ बोल रहे हैं। जबकि सभी जानते हैं कि पिछले 11 महीनों में पंजाब के हालात कितने खराब हो चुके हैं?
अश्वनी शर्मा ने कहा कि अमृतपाल सिंह जो कि खुद को पंजाब का वारिस बताता है और पंजाब को बाँटने व तोड़ने की बातें करके पंजाब तथा पंजाबियों की छवि समस्त संसार के सामने धूमिल कर रहा है, ऐसा आदमी पंजाब का वारिस कैसे हो सकता है? पंजाब के वारिस कभी भी पंजाब को तोड़ने या बांटने की बात नहीं करते। पंजाब के वारिस हमारे गुरु तथा उनके बच्चे थे, जिन्होंने बलिदान दिए। शर्मा ने अमृतपाल सिंह को गुरु साहिब व उनके बहादुर पुत्रों की बलिदानी इतिहास पढ़ने की सलाह देते हुए कहाकि वो पंजाब के असली वारिस हैं।
‘वतन की फ़िक्र कर ऐ नादान, मसीबत आने वाली है,
तेरी बरबादियों के चर्चे हैं मान अब आसमान पर।
फलक की जिद है बिजलियाँ गिराने की, हमारी भी जिद है वहीँ आशियाँ बनाने की …. अश्वनी शर्मा ने सुनाया
अश्वनी शर्मा ने कहा कि जब से पंजाब में भगवंत मान सरकार बनी है तब से पंजाब में खालिस्तान समर्थकों, अलगाववाद व पंजाब के भाईचारे को ध्वस्त करने वालों की कार्यवाहियों में बेतहाशा बढ़ौतरी हुई है। यह अलगाववाद की बारें करने वाले सोशल मीडिया प्लेटफार्मों के माध्यम से निरंतर पंजाब को और भाईचारे को तोड़ने का प्रचार कर रहे हैं और पंजाब सरकार मूकदर्शक बन चुपचाप तमाशा देख रही है। राज्य में रोजाना कहीं ना कहीं हत्याएं, फिरौती मांगने और ना देने पर हत्या की घटना, पुलिस की नाक के नीचे डकैतियाँ, पुलिस थानों पर कब्जे आदि की निरंतर घटित हो रही घटनाओं से पंजाब की जनता दहशत में है। आंतकवाद के दौर में भी ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी पुलिस थाने पर कब्ज़ा कर लिया गया हो और पुलिस के साथ उसके ही थाने में मारपीट की गई हो! पुलिस ने हथियार डाल दिए हों, इतना कमज़ोर पुलिस को कभी नहीं देखा, जितना कमजोर भगवंत मान सरकार ने कर दिया है। इसके लिए अगर कोई आरोपी है तो वो मुख्यमंत्री भगवंत मान है, क्यूंकि राज्य का गृह विभाग उनके पास है। सरकार ने हिंसा करने वालों के सामने पूरी तरह से घुटने टेक दिए और आरोपियों की जमानत का समर्थन किया। यहां सवाल उठता है कि अगर आरोपी दोषी नहीं था, तो उस पर मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार क्यों किया गया? अगर वह दोषी था तो दबाव में आकर जमानत क्यों दी गई?
अश्वनी शर्मा ने कहा कि डीजीपी ने खुद मीडिया के समक्ष यह माना कि थाने में हथियारों के बल पर हुडदंगियों ने कब्ज़ा किया और पुलिस के साथ मारपीट की, लेकिन करीब 20 दिन बीतने के बाद भी आज तक आज तक उन पर कोई मामला दर्ज़ क्यूँ नहीं किया गया? डीजीपी की पत्रकारवार्ता के बाद फिर अमृतपाल सिंह द्वारा डीजीपी को आधार बना कर पंजाब सरकार को चैलेज किया गया कि उनके खिलाफ मामला दर्ज़ करके दिखाएं, अगर किया गया तो यह सब दोबारा दोहराया जाएगा। पंजाब सरकार ने ऐसे लोगों के समक्ष अपने घुटने टेक दिए हैं। पंजाबियों के दिलों में में भय का माहौल बैठ गया है और उन्हें लग रहा है कि पंजाब सरकार पंजाब को 1984 वाले काले आंतकवाद के दौर में ले रही है। पंजाब में गैगस्टर दनदना रहे हैं। पंजाब की जेलें भी सुरक्षित नहीं वहां भी गैंगवार में एक-दूसरे की हत्याएं हो रही हैं। राज्य में अराजकता का माहौल है और ऐसे समय में मुख्यमंत्री भगवंत मान बंसुरी बजा रहे लगते हैं। राज्य के ऐसे अशांत माहौल में कोई भी निवेशक पंजाब में निवेश करने की हिम्मत नहीं करेगा। क्यूंकि निवेशक हमेशा अपने पैसे और कारोबार की सुरक्षा व शांति चाहता है। लेकिन अफ़सोस है कि भगवंत मान सरकार सिर्फ ट्वीट कर पंजाब की पल-पल की खबर होने तथा राज्य के हालात ठीक होने की बातें करती है, जबकि राज्य में हालात इसके बिलकुल विपरीत हैं।
अश्वनी शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब में एक विपक्ष के नाते और पंजाब के भाईचारे को बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। भाजपा द्वारा पंजाब की शांति और कानून-व्यवस्था को कायम करने के लिए राजनीति से ऊपर उठ कर भगवंत मान को सर्वदलीय बैठक बुलाने के लिए पत्र भी लिखा गया है। पत्र में 11 महीने में पंजाब में घटनाक्रम का सारा जिक्र किया गया है। लेकिन भगवंत मान सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंगी। अश्वनी शर्मा ने मीडिया पर पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे अत्याचारों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि ऐसा पंजाब के इतिहास में कभी नहीं हुआ। पंजाब सरकार राजनीतिक लोगों, जनता के साथ साथ जनता की आवाज़ कहे जाने वाले चौथे स्तंभ मीडिया की आवाज़ भी दबाने में लगी हुई है। भाजपा ऐसा किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। इसलिए इस अंधी-बहरी व सोई हुई पंजाब सरकार को सच का आईना दिखाने, गहरी निद्रा से जगाने व जनता की आवाज़ भगवंत मान सरकार के कानों तक पहुँचाने के लिए भाजपा सड़कों पर उतरी है।
इस मौके पर डॉ. नरेंदर सिंह रैना, सुनील जाखड़, हरजोत सिंह गरेवाल, प्रदेश महासचिव जीवन गुप्ता, बिक्रमजीत सिंह चीमा, राजेश बाघा, मोना जयसवाल, गुरप्रीत सिंह काँगड़, तीक्ष्ण सूद, डॉ. सुभाष शर्मा, डॉ. जगमोहन सिंह राजू, डॉ. राजकुमार वेरका, केवल सिंह ढिल्लों, राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी, फ़तेहजंग सिंह बाजवा, लखविंदर कौर गरचा, मनप्रीत सिंह बादल, जैसमीन संधेवालिया, अरविंद खन्ना, परमिंदर बराड़, बलबीर सिंह सिद्धू, जगदीप सिंह नकई, गुरदेव शर्मा देबी, अनिल सरीन, संजीव खन्ना, कंवरवीर सिंह टोहड़ा, मीनू सेठी, एस आर लद्दड़, थॉमस मसीह, राजिंदर बिट्टा, दर्शन सिंह नैनेवाल, हरदेव सिंह उभा समेत पंजाब भाजपा की समूह लीडरशिप व कार्यकर्त्ता मौजूद थे।






