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पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के लिए चिंता भरी Report!

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चंडीगढ़ 3/October : नेशनल क्राइम रिकॉड्र्स ब्यूरो ((NCRB) की हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2023 में पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में कीटनाशकों और जहरीली दवाओं के सेवन से कुल 1,197 लोगों की मौत हुई। ‘Accidental Deaths and Suicides in India 2023 नामक रिपोर्ट के मुताबिक, इन तीन राज्यों का देशभर में होने वाली कीटनाशक मौतों में 15.5त्न हिस्सा रहा। राष्ट्रीय स्तर पर इस दौरान 7,743 मौतें दर्ज की गईं।📍राज्यों का आंकड़ा:❗हरियाणा: 570 मौतें (412 पुरुष, 158 महिलाएं) – राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर।📍पंजाब: 549 मौतें (439 पुरुष, 110 महिलाएं) – राष्ट्रीय स्तर पर पांचवें स्थान पर।📍हिमाचल प्रदेश: 78 मौतें (57 पुरुष, 21 महिलाएं)।📍रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश मौतें अनजाने में या दुर्घटनावश कीटनाशक या जहरीली दवाइयों के सेवन से हुई हैं। पंजाब कृषि विभाग के अधिकारी बताते हैं कि किसान अक्सर इन रसायनों को आसानी से पहुंच योग्य स्थानों पर रखते हैं, जिससे यह गलती से अंदर जा जाते हैं।मुख्य कारण और दवाइयांरिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि जहरीले जड़ी-बूटी नाशक, विशेषकर पैराक्वाट क्लोराइड का अधिक उपयोग एक बड़ा कारण है। यह शक्तिशाली पौध नाशक सामान्यत: नदीनों को खत्म करने के लिए प्रयोग किया जाता है, लेकिन पंजाब में इसे कथित तौर पर मूंग और मक्का जैसी फसलों को जल्दी सुखाने के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।उम्र का आंकड़ाराष्ट्रीय स्तर पर अधिकांश प्रभावित लोग उत्पादक आयु वर्ग के थे। कुल मौतों में 71त्न से अधिक 45 साल तक की उम्र के समूह में दर्ज की गईं।30-45 साल: 2,493 मौतें18-30 साल: 2,393 मौतें14 साल से कम उम्र के बच्चे: 164 मौतें विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकतर युवा किसान या ग्रामीण समुदाय इस समस्या से प्रभावित हैं और सावधानी के अभाव में जहरीली दवाओं का सेवन हो जाता है।